एडवोकेट लायबानूर खान मानवाधिकार संगठन प्रदेश सचिव द्वारा प्रदेश वासियों को शबे बरात की मुबारकबाद दी

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एडवोकेट लायबानूर खान ने शबे-ए-बरात की मुबारक रात पर दिया संदेशहल्द्वानी/उत्तराखंड। मानवाधिकार एंटी क्रॉप्सन संगठन के प्रदेश सचिव एडवोकेट लायबानूर खान ने शबे-ए-बरात की मुबारक और बरकतों भरी रात के अवसर पर प्रदेश व देशवासियों को दिली मुबारकबाद पेश की। उन्होंने कहा कि शबे-ए-बरात रहमत, मग़फिरत और निजात की रात है, जिसमें अल्लाह तआला अपने बंदों की दुआएँ कुबूल फरमाता है और उनके गुनाहों को माफ करता है। एडवोकेट लायबानूर खान ने अपने संदेश में कहा कि यह मुक़द्दस रात हमें आत्मचिंतन, सब्र, इंसाफ और इंसानियत के रास्ते पर चलने की सीख देती है। उन्होंने कहा कि इस रात हमें अपने गुनाहों से तौबा कर, ज़रूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और समाज में अमन-चैन, भाईचारे और सौहार्द को मज़बूत करने की दुआ करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मानवाधिकार एंटी क्रॉप्सन संगठन हमेशा इंसाफ, सच और मानवता के पक्ष में खड़ा रहा है और आगे भी अन्याय, भ्रष्टाचार व शोषण के खिलाफ आवाज़ बुलंद करता रहेगा। शबे-ए-बरात जैसी पाक रात हमें यही संदेश देती है कि हम अपने किरदार को बेहतर बनाएं और समाज के कमजोर वर्ग के लिए सहारा बनें। अंत में एडवोकेट लायबानूर खान ने दुआ की कि अल्लाह तआला इस मुक़द्दस रात के सदक़े देश-प्रदेश में अमन-शांति कायम रखे, हर घर में खुशहाली आए और सभी की जायज़ दुआएँ कुबूल फरमाए।
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हल्द्वानी/उत्तराखंड।
मानवाधिकार एंटी क्रॉप्सन संगठन के प्रदेश सचिव एडवोकेट लायबानूर खान ने शबे-ए-बरात की मुबारक और बरकतों भरी रात के अवसर पर प्रदेश व देशवासियों को दिली मुबारकबाद पेश की। उन्होंने कहा कि शबे-ए-बरात रहमत, मग़फिरत और निजात की रात है, जिसमें अल्लाह तआला अपने बंदों की दुआएँ कुबूल फरमाता है और उनके गुनाहों को माफ करता है।
एडवोकेट लायबानूर खान ने अपने संदेश में कहा कि यह मुक़द्दस रात हमें आत्मचिंतन, सब्र, इंसाफ और इंसानियत के रास्ते पर चलने की सीख देती है। उन्होंने कहा कि इस रात हमें अपने गुनाहों से तौबा कर, ज़रूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और समाज में अमन-चैन, भाईचारे और सौहार्द को मज़बूत करने की दुआ करनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि मानवाधिकार एंटी क्रॉप्सन संगठन हमेशा इंसाफ, सच और मानवता के पक्ष में खड़ा रहा है और आगे भी अन्याय, भ्रष्टाचार व शोषण के खिलाफ आवाज़ बुलंद करता रहेगा। शबे-ए-बरात जैसी पाक रात हमें यही संदेश देती है कि हम अपने किरदार को बेहतर बनाएं और समाज के कमजोर वर्ग के लिए सहारा बनें।
अंत में एडवोकेट लायबानूर खान ने दुआ की कि अल्लाह तआला इस मुक़द्दस रात के सदक़े देश-प्रदेश में अमन-शांति कायम रखे, हर घर में खुशहाली आए और सभी की जायज़ दुआएँ कुबूल फरमाए।


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